फिल्म पद्मावती को लेकर राजस्थान में संग्राम, बैन नहीं किया तो बुरे होंगे परिणाम

जयपुर। संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावती का विरोध राजस्थान में तेज होता जा रहा है। जैसे—जैसे संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की रिलीज डेट पास में आ रही है, वैसे—वैसे इस फिल्म का विरोध भी तेज होता जा रहा है। राजस्थान में फिल्म के विरोध में उठी आवाज अब दूसरे शहरों में गूंजने लगी है। शुक्रवार को प्रदेश के कई शहरों में फिल्म का विरोध प्रदर्शन किया।
चित्तौड़गढ़: पद्मावती फिल्म को प्रतिबंधित नहीं किया तो परिणाम होंगे बुरे
फिल्म पद्मावती के विरोध में सर्व समाज की ओर से पाडनपोल में अनिश्चित कालीन धरना शुरू हुआ। इसमें कई समाजों के लोग में शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए लोगों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इस फिल्म को प्रतिबंधित नहीं किया गया तो परिणाम बुरे होंगे। धरने पर उपस्थित महेंद्र सिंह मेड़तिया ने कहा कि फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। अपनी अस्मिता के लिए जौहर करने वाली करने वाली रानी पद्मावती का अलाउद्दीन के साथ प्रेम प्रसंग दिखाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ब्राह्मण समाज के अरविंद भट्ट ने कहा कि यह विरोध पूरे देश मे होगा। देश का हर व्यक्ति से सहन नहीं करेगा। वही मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित मोहम्मद असलम कूका ने कहा कि कोई भी कहानीकार हो या फिल्मकार जब तक इतिहास के बारे में इतिहासकारों से स्क्रिप्ट को फाइनल नहीं करवाया जाए। ऐसी फिल्म और कहानी नहीं लिखे।
फिल्म पद्मावती के विरोध में चित्तौड़गढ़ के सर्व समाज में पोस्टकार्ड अभियान भी शुरू कर दिया है। पाडनपोल में आयोजित धरने पर रही सर्व समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिल्म पर रोक लगाने के लिए पोस्टकार्ड लिख रहे हैं। जिन्हें प्रधानमंत्री को प्रेषित किया जाएगा।
फिल्म के प्रदर्शन पर रोक के लिए जालोर बंद
जालोर में पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक को लेकर जालोर-भीनमाल में विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जालोर में करणी सेना सहित विभिन्न संगठनों की ओर से बंद के आह्वान पर व्यापारियों ने भी प्रतिष्ठान बंद रखे। वहीं भीनमाल में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर निजी विद्यालय भी बंद रहे।
शहरवासियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि फिल्म में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, जालोर बंद के दौरान मुख्य बाजार व सड़कों पर दुकानें बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। दुकानें बंद होने के कारण लोगों को जरूरत की वस्तुएं नहीं मिल पाई। वहीं चाय की थडिय़ां और नाश्ते की दुकानें भी बंद रहने के कारण लोग परेशान नजर आए।
विरोध में कलक्ट्रेट पर धरना दिया
अलवर में फिल्म के विरोध में हिंदूवादी संगठन शिवसेना बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, गौ रक्षक दल हिंदूवादी संगठन के प्रतिनिधियों ने विवेकानंद चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इसके बाद सभा की। उसके बाद जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा कि फिल्म रिलीज पर रोक लगाई जाए।
नोखा में किया प्रदर्शन
नोखा में रानी पद्मावती फिल्म के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। रानी पद्मावती का अपमान सहन नहीं करेंगे, हिन्दू संस्कृति का सम्मान हो आदि नारे लगाते हुए कार्यकर्ता जुलूस के रूप में पहले थाने के आगे और बाद में उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम कन्हैयालाल सोनगरा को सौंपकर राज्य में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
फिल्म के विरोध सड़कों पर उतरी छात्राएं
भीलवाड़ा में सेठ मुरलीधर मानसिंह कन्या महाविद्यालय की एबीवीपी की छाताओं ने पद्मावती फिल्म में तोड़ मरोड़कर पेश किए गए तथ्यों का विरोध किया। छात्राओं का कहना है कि हाडी रानी पद्मावती हम सभी का आदर्श है। संजय लीला भंसाली ने इस फिल्म में इतिहास में वर्णित तथ्यों से छेड़छाड़ कर तोड़ मरोड़कर पेश किए। जिसका हम सभी कड़ा विरोध करते हैं। भीलवाड़ा के सिनेमाघरों में इस फिल्म का किसी भी कीमत पर प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *